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यरुशलम, इजराइली नौसेना के सैनिक गाज़ा की नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे एक बेड़े (फ्लोटिला) के अधिकांश जहाज़ों पर चढ़ गए और दर्जनों कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
इस फ्लोटिला के आयोजकों ने कहा कि एक नौका आगे बढ़ गयी थी लेकिन बृहस्पतिवार सुबह गाज़ा के तट के पास रुक गई और उसके बाद उस जहाज़ से संपर्क टूट गया।
Already several vessels of the Hamas-Sumud flotilla have been safely stopped and their passengers are being transferred to an Israeli port.
Greta and her friends are safe and healthy. pic.twitter.com/PA1ezier9s— Israel Foreign Ministry (@IsraelMFA) October 1, 2025
‘द ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला’ नामक इस काफिले में लगभग 50 छोटे जहाज शामिल हैं, जिन पर करीब 500 लोग सवार हैं। यह काफिला गाजा के घेराबंदी वाले क्षेत्र में फंसे फलस्तीनियों के लिए मानवीय सहायता ले जा रहा है, जिसमें मुख्य रूप से खाद्य सामग्री और दवाइयां शामिल हैं।
फ्लोटिला ने कहा कि उनके 39 जहाज़ों को बृहस्पतिवार सुबह तक या तो रोक लिया गया या माना जा रहा है कि रोक लिया गया, क्योंकि कार्यकर्ताओं से संपर्क टूट गया है। यह कार्रवाई इज़राइल द्वारा बुधवार रात से शुरू की गई थी।
यह इजराइल की समुद्री नाकाबंदी तोड़ने का अब तक का सबसे बड़ा प्रयास है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि उन्हें विश्वास था कि इतनी बड़ी संख्या में नावों के साथ, इज़राइली अधिकारियों के लिए सभी को रोकना अधिक कठिन होगा।
फ्लोटिला के समर्थक बुधवार देर रात नौकाओं को रोके जाने की खबर सामने आने के बाद, कई बड़े शहरों की सड़कों पर उतर आए। इनमें रोम, नेपल्स, इस्तांबुल, एथेंस और ब्यूनस आयर्स शामिल थे। इटली के सबसे बड़े मज़दूर संघ ने शुक्रवार को एक दिन की आम हड़ताल का आह्वान किया है।
इजराइली सैनिकों ने दर्जनों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और उन्हें फ़्लोटिला से हटा दिया जिनमें ग्रेटा थनबर्ग, बार्सिलोना की पूर्व मेयर अदा कोलाऊ, यूरोपीय संसद सदस्य रीमा हसन और अन्य शामिल थे।
इजराइली विदेश मंत्रालय ने कार्यकर्ताओं की तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए और ‘एक्स’ पर एक बयान में कहा कि वे ‘‘सुरक्षित और स्वस्थ’’ हैं तथा उन्हें यूरोप में निर्वासन प्रक्रियाओं के लिए इज़राइल ले जाया जाएगा।
दुनिया भर की सरकारों ने फ़्लोटिला को रोके जाने की निंदा की है। तुर्किये, कोलंबिया, पाकिस्तान, मलेशिया और अन्य देशों ने इज़राइल द्वारा फ़्लोटिला को रोके जाने की निंदा की।