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  • बलरामपुर: अज्ञात वाहन की चपेट में आने से चार लोगों की मौत, दो जख्मी

    बलरामपुर: अज्ञात वाहन की चपेट में आने से चार लोगों की मौत, दो जख्मी

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    बलरामपुर जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र में दुर्गा प्रतिमाएं देखने निकले मोटरसाइकिल सवार चार लोगों की उतरौला—बलरामपुर मार्ग पर किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आने से मौत हो गयी तथा दो अन्य गम्भीर रूप से घायल हो गये।

    अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय ने बृहस्पतिवार को बताया कि महराजगंज तराई थाना क्षेत्र के मुड़ाडीह गांव के छह युवक और किशोर बुधवार की देर रात दुर्गा प्रतिमाओं का दर्शन करने के लिये अपनी—अपनी मोटरसाइकिलों से उतरौला की तरफ जा रहे थे। कांधभारी गांव के पास किसी अज्ञात वाहन ने मोटरसाइकिल सवार युवकों को टक्कर मार दी।

    उन्होंने बताया कि हादसे में संजय कुमार वर्मा (23), गोलू (14), कल्लू (17), अंकित (17), अरविंद (22) और दिनेश (22) गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने सभी युवकों को अस्पताल पहुंचाया जहां डाक्टरों ने संजय, गोलू, कल्लू और अंकित को मृत घोषित कर दिया। अरविंद और दिनेश को गम्भीर हालत के मद्देनजर लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है।

    अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया गया है। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुट गई है।

  • देहरादून : नशे में कार चलाकर वाहनों को टक्कर मारने वाले राजपुर के पुलिस थानाध्यक्ष निलंबित

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    देहरादून की राजपुर रोड पर उसी क्षेत्र में तैनात पुलिस थानाध्यक्ष ने कथित तौर पर शराब के नशे में धुत होकर अपनी कार से एक के बाद एक तीन वाहनों को टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया।

    पुलिस सूत्रों ने बताया कि घटना बुधवार देर रात हुई जब राजपुर थाने में तैनात आरोपी थानाध्यक्ष शैंकी कुमार ने कथित तौर पर शराब पीकर कार चलाते हुए उससे तीन वाहनों को टक्कर मार दी और उसके बाद वहां से भागने का प्रयास करने लगे।

    हालांकि, वहां मौजूद लोगों ने उन्हें घेर लिया । इसी दौरान, कुछ लोगों ने कुमार का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया।

    देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अजय सिंह ने वीडियो का तत्काल संज्ञान लिया जिसमें प्रथमद्रष्टया कुमार सरकारी कर्मचारी होते हुए भी गलत आचरण करते दिखाई दे रहे हैं । सिंह ने कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

    एसएसपी ने उक्त प्रकरण में गलत आचरण और दुर्घटना करने के लिए कुमार के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के भी आदेश दिए।

    उन्होंने कालसी के पुलिस थानाध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे उपनिरीक्षक दीपक धारीवाल को राजपुर थानाध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया है।

    एसएसपी ने शहर पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए हैं कि इस प्रकरण में कुमार या इसमें संलिप्त अन्य लोगों की मेडिकल जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा सभी सीसीटीवी फुटेज, फोटोग्राफी व वीडियोग्राफी की विवेचना करते हुए प्रकरण की गहनता से जांच की जाए।

    एसएसपी ने इस संबंध में कहा कि कानून सभी के लिए बराबर है।

  • RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा- हिंदू समाज की शक्ति और चरित्र एकता की गारंटी देते हैं

    RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा- हिंदू समाज की शक्ति और चरित्र एकता की गारंटी देते हैं

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    नागपुर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने बृहस्पतिवार को कहा कि हिंदू समाज की शक्ति और चरित्र एकता की गारंटी देते हैं। उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि हिंदू समाज में ‘‘हम और वे’’ की अवधारणा कभी अस्तित्व में नहीं रही।

    उन्होंने ‘स्वदेशी’ (देशीय संसाधनों का उपयोग) और ‘स्वावलंबन’ (आत्मनिर्भरता) का समर्थन करते हुए कहा कि पहलगाम हमले के बाद विभिन्न देशों द्वारा अपनाए गए रुख से भारत के साथ उनकी मित्रता के स्वरूप और प्रगाढ़ता का पता चला।

    भागवत ने यहां रेशिमबाग में आरएसएस की वार्षिक विजयादशमी रैली को संबोधित करते हुए श्रीलंका, बांग्लादेश में अशांति और नेपाल में ‘जेन जेड’ प्रदर्शन पर चिंता जताते हुए कहा कि ये ‘‘तथाकथित क्रांतियां’’ अपने उद्देश्यों को प्राप्त नहीं करतीं।

    यह रैली ऐसे समय में हुई जब आरएसएस अपना शताब्दी वर्ष भी मना रहा है। आरएसएस की स्थापना 1925 में दशहरा के दिन नागपुर में महाराष्ट्र के चिकित्सक केशव बलिराम हेडगेवार ने की थी।

    भागवत ने कहा, ‘‘हिंदू समाज एक जिम्मेदार समाज है। यहां ‘हम’ और ‘वे’ का विचार कभी नहीं रहा। एक विभाजित समाज टिक नहीं सकता और हर व्यक्ति अपने आप में अनोखा है। आक्रमणकारी आए और गए, लेकिन हमारी जीवन-पद्धति कायम रही। हमारी अंतर्निहित सांस्कृतिक एकता ही हमारी शक्ति है।

    उन्होंने कहा कि हिंदू समाज की शक्ति और चरित्र राष्ट्रीय एकता की गारंटी है।

    भागवत ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनकी जयंती दो अक्टूबर को मनाई जाती है।

    उन्होंने कहा, ‘‘स्वतंत्रता संग्राम में गांधीजी का योगदान अद्वितीय है, जबकि शास्त्री जी का जीवन और समय समर्पण तथा प्रतिबद्धता का प्रतीक है। वे व्यक्तिगत और राष्ट्रीय चरित्र के ऐसे उदाहरण हैं जिनका हमें अनुकरण करना चाहिए।’’

    संघ प्रमुख ने कहा कि प्रयागराज में महाकुंभ आस्था और एकता का प्रतीक था। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का हवाला देते हुए कहा कि आतंकवादियों ने सीमा पार कर जम्मू कश्मीर के पहलगाम में धर्म पूछकर 26 भारतीयों की हत्या कर दी, जिस पर भारत ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि इस हमले से देश में भारी पीड़ा और आक्रोश फैला तथा भारत से इसका करारा जवाब दिया।

    उन्होंने कहा, ‘‘इस हमले से देश का हर व्यक्ति व्यथित हो गया। हमारी सरकार ने पूरी तैयारी की और इसका कड़ा जवाब दिया। इसके बाद नेतृत्व का दृढ़ संकल्प, हमारे सशस्त्र बलों का पराक्रम और समाज की एकता स्पष्ट रूप से दिखाई दी।’’

    आरएसएस प्रमुख ने कहा कि एक देश को मित्रों की जरूरत होती है लेकिन उसे अपने आसपास के माहौल के प्रति भी सतर्क रहना चाहिए।

    भागवत ने कहा, ‘‘हमारे दूसरे देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध हैं और आगे भी इन्हें बनाए रखेंगे, लेकिन जब बात हमारी सुरक्षा की आती है तो हमें ज़्यादा सावधान, ज़्यादा सतर्क और मजबूत होने की जरूरत है। पहलगाम हमले के बाद विभिन्न देशों के रुख से यह भी पता चला कि उनमें से कौन हमारे मित्र हैं और किस हद तक।

    उन्होंने कहा कि नक्सलियों जैसे चरमपंथी तत्वों को सरकार की ओर से कार्रवाई का सामना करना पड़ा है, जबकि समाज ने भी उनके ‘‘खोखलेपन’’ को पहचानकर उनसे दूरी बना ली है।

    उन्होंने यह भी कहा कि न्याय, विकास, सद्भावना, संवेदनशीलता और मजबूती सुनिश्चित करने वाली योजनाओं की कमी अक्सर चरमपंथी ताकतों के उदय का कारण बनती है।

    भागवत ने कहा, ‘‘व्यवस्था की सुस्ती से परेशान लोग ऐसे चरमपंथी तत्वों से समर्थन लेने की कोशिश करते हैं। इसे रोकने के लिए सरकार और समाज को मिलकर ऐसी पहल करनी चाहिए जिससे लोगों का व्यवस्था में विश्वास बढ़े।

    राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका द्वारा अपनाई गई शुल्क (टैरिफ) व्यवस्था का ज़िक्र करते हुए भागवत ने कहा कि इसका असर सभी पर पड़ेगा।

    उन्होंने कहा, ‘‘निर्भरता कोई मजबूरी नहीं होनी चाहिए। दुनिया में एकता तो होनी ही चाहिए, लेकिन स्वदेशी और स्वावलंबन का कोई विकल्प नहीं है। अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक व्यापार और आर्थिक संबंध हमारी इच्छा के अनुसार होने चाहिए, न कि मजबूरी के अनुसार।

    आरएसएस प्रमुख ने जलवायु परिवर्तन पर भी चिंता जतायी और कहा कि पिछले तीन-चार वर्षों से इसका पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हिमालय हमारी सुरक्षा दीवार है और इसकी रक्षा की जानी चाहिए। हमें यह सुनिश्चित करने के लिए विकास नीतियों पर पुनर्विचार करना होगा।

    भागवत ने यह भी कहा कि श्रीलंका, बांग्लादेश में अशांति और नेपाल में हाल ही में हुआ ‘जेन जेड’ आंदोलन चिंता का विषय है क्योंकि ये देश भारत के पड़ोसी हैं।

    उन्होंने कहा, ‘‘लोकतांत्रिक तरीकों से बदलाव हो सकता है। तथाकथित क्रांतियां अपने उद्देश्यों को प्राप्त नहीं कर पातीं। ऐसी परिस्थितियों में बाहरी ताकतों को (अपना एजेंडा आगे बढ़ाने का) मौका मिल जाता है। हमें लगता है कि वे सिर्फ हमारे पड़ोसी ही नहीं बल्कि हमारे अपने हैं। वहां की स्थिति हमारे लिए चिंता का विषय है।’’

    भागवत ने कहा कि आरएसएस को राजनीति में शामिल होने के लिए कहा गया था, लेकिन स्वयंसेवकों ने नियमित रूप से केवल एक ही काम किया: ‘‘हर स्थिति में शाखा चलाना।

    पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए।

  • अमेठी: महापुरुषों के प्रति अभद्र टिप्पणी करने के आरोपी DC मनरेगा के खिलाफ जांच के आदेश

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    अमेठी, महापुरुषों को अपशब्द कहने, अभद्र टिप्पणी करने और भ्रष्टाचार से संबंधित कथित आडियो वायरल होने के बाद शासन ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के जिला समन्वयक (डीसी) को पद से हटाकर मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिये हैं।

    जिलाधिकारी संजय चौहान ने बताया कि मनरेगा के डीसी शेर बहादुर सिंह को अमेठी से हटाकर लखनऊ मुख्यालय संबद्ध कर दिया गया है।

    उन्होंने बताया कि अमेठी के डीसी मनरेगा शेर बहादुर सिंह का एक आडियो पिछले तीन दिनों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था जिसमें कथित रूप से वह देश के महापुरुषों महात्मा गांधी, सरदार पटेल और पंडित जवाहरलाल नेहरू का नाम लेकर अपशब्द कह रहे थे और एक ग्राम प्रधान से रिश्वत मांग रहे थे।

    चौहान ने बताया कि टीवी चैनलों और सोशल मीडिया पर आए ऑडियो आपत्तिजनक थे जिन पर संज्ञान लेते हुए डीसी मनरेगा के खिलाफ एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन किया गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

  • अलीगढ़ में कारोबारी अभिषेक गुप्ता की हत्या के आरोपी शूटर को पुलिस ने किया गिरफ्तार

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    अलीगढ़ पुलिस ने गोली मारकर कारोबारी अभिषेक गुप्ता की हत्या किए जाने के मामले में एक शूटर को बुधवार को गिरफ्तार किया।

    पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार शूटर की पहचान मोहम्मद फजल के रूप में हुई है और उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है।

    पुलिस ने कहा, ‘‘फजल ने खुलासा किया कि उसने सुपारी लेकर यह हत्या की थी। उसे और उसके साथी आसिफ को पूजा शकुन पांडेय और उनके पति अशोक पांडेय ने इस हत्या की सुपारी दी थी। उसने बताया कि मृतक के पिता ने हत्या की रात इन्हीं षड्यंत्रकारियों के नाम लिए थे।

    अभिषेक गुप्ता का खैर इलाके में एक शोरूम था। 26 सितंबर को जब अभिषेक गुप्ता अपने पिता और रिश्ते के भाई के साथ खैर से सिकंदरा राव जाने के लिए बस में चढ़ रहे थे तभी उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

    हत्या के अगले दिन पुलिस ने पूजा शकुन पांडेय के पति अशोक पांडेय को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था और 28 सितंबर को उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।

  • भदोही: खराब पुष्टाहार की शिकायत झूठी निकलने पर लोकगायक के खिलाफ मामला दर्ज

    भदोही: खराब पुष्टाहार की शिकायत झूठी निकलने पर लोकगायक के खिलाफ मामला दर्ज

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    भदोही, आंगनबाड़ी केंद्रों से बच्चों को दिए जाने वाले बाल पुष्टाहार की गुणवत्ता ख़राब होने की मुख्यमंत्री के ‘एक्स’ हैंडल और सोशल मीडिया पर की गई शिकायत गलत पाए जाने पर लोकगायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

    जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया की मशहूर भोजपुरी लोक गायक राजेश कुमार गुप्ता उर्फ़ राजेश परदेशी ने 17 सितंबर को मुख्यमंत्री समेत कई मीडिया संस्थानों को ‘एक्स’ पर पोस्ट कर बताया था की आंगनबाड़ी केंद्र में मिलने वाले बाल पुष्टाहार बेहद ख़राब है।

    बाल विकास परियोजना अधिकारी जितेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि जिलाधिकारी शैलेश कुमार के आदेश पर इस मामले की मजिस्ट्रेट से जांच कराई गई जिसमें सामने आया की विभाग की छवि खराब करने के लिए यह पोस्ट किया गया और बाल पुष्टाहार की गुणवत्ता अच्छी है।

    उन्होंने बताया, “ भोजपुरी गायक राजेश परदेशी की शिकायत गलत पाई गई है और आगे भी सरकार और विभाग को किसी के द्वारा मानहानि का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में जिला अधिकारी शैलेश कुमार के आदेश पर भोजपुरी गायक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।

    प्रभारी निरीक्षक शैलेश कुमार राय ने बताया कि बाल विकास परियोजना अधिकारी जितेन्द्र उपाध्याय की तहरीर पर गोपीगंज थाना क्षेत्र के गहरपुर निवासी राजेश कुमार गुप्ता उर्फ़ राजेश परदेशी के खिलाफ 30 सितंबर को मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

  • TCS ने पुणे में 2,500 कर्मचारियों को नौकरी से इस्तीफा देने को किया मजबूर

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    नयी दिल्ली, देश की अग्रणी सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने पुणे में लगभग 2,500 कर्मचारियों को कथित तौर पर नौकरी से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया है। आईटी कर्मचारियों के संगठन एनआईटीईएस ने बुधवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को लिखे एक पत्र में यह दावा किया।

    इस पर टीसीएस ने कहा कि संगठन के भीतर कौशल पुनर्गठन की हाल में चलाई गई पहल से केवल सीमित संख्या में ही कर्मचारी प्रभावित हुए हैं।

    ‘नैसेंट इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एम्प्लाइज सीनेट’ (एनआईटीईएस) के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह सलूजा ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लिखे एक पत्र में छंटनी से प्रभावित कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए समय रहते हस्तक्षेप करने की मांग की।

    सलूजा ने कहा कि एनआईटीईएस के प्रतिनिधित्व के आधार पर केंद्रीय श्रम मंत्रालय ने महाराष्ट्र के श्रम सचिव को इस मामले में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

    एनआईटीईएस ने कहा, ‘‘दुख की बात है कि इस निर्देश के बावजूद जमीनी हकीकत अधिक चिंताजनक हो गई है। अकेले पुणे में ही, पिछले कुछ हफ़्तों में लगभग 2,500 कर्मचारियों को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया है या उन्हें अचानक नौकरी से निकाल दिया गया है।’’

    इस बारे में टिप्पणी के लिए संपर्क किए जाने पर टीसीएस ने कहा, ‘‘जानबूझकर साझा की गई यह सूचना गलत और शरारतपूर्ण है। हमारे संगठन में कौशल पुनर्गठन की हमारी हालिया पहल से केवल सीमित संख्या में ही कर्मचारी प्रभावित हुए हैं।

    टाटा समूह की आईटी कंपनी ने कहा, ‘‘जो लोग प्रभावित हुए हैं, उन्हें उचित देखभाल और सेवामुक्ति भत्ता दिया गया है जो उन्हें प्रत्येक व्यक्तिगत परिस्थिति में मिलना चाहिए।

    कंपनी ने इस साल जून में अपने वैश्विक कार्यबल में लगभग दो प्रतिशत यानी 12,261 कर्मचारियों की छंटनी करने की घोषणा की थी, जिनमें से ज़्यादातर प्रभावित मध्यम और वरिष्ठ ग्रेड के हैं।

    एनआईटीईएस ने कहा कि प्रभावित कर्मचारी सिर्फ संख्याएं न होकर माता-पिता, कमाने वाले, देखभाल करने वाले और पूरे महाराष्ट्र में हज़ारों परिवारों की रीढ़ हैं।

    एनआईटीईएस ने कहा, ‘‘प्रभावित कर्मचारियों में से कई मध्यम से वरिष्ठ स्तर के पेशेवर हैं जिन्होंने कंपनी को 10-20 साल समर्पित सेवा दी है। बड़ी संख्या में कर्मचारी 40 वर्ष से अधिक आयु के हैं, जिन पर मासिक किस्त, स्कूल की फीस, चिकित्सा खर्च और बुजुर्ग माता-पिता की जिम्मेदारियों का बोझ है। उनके लिए आज के प्रतिस्पर्धी बाजार में वैकल्पिक रोजगार ढूंढना लगभग असंभव है।’’

    एनआईटीईएस ने आरोप लगाया है कि टीसीएस द्वारा कर्मचारियों की बर्खास्तगी औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 का घोर उल्लंघन है क्योंकि इस संबंध में सरकार को कोई सूचना नहीं दी गई है।

    संगठन का दावा है कि टीसीएस ने कर्मचारियों को कोई वैधानिक छंटनी मुआवजा नहीं दिया है, और कर्मचारियों को डर एवं दबाव में ‘स्वैच्छिक इस्तीफा’ देने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

    इसने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से मांग की है कि वे प्रभावित परिवारों के साथ इस ‘सबसे बुरे समय’ में खड़े हों और राज्य के श्रम विभाग को तत्काल जांच करने और कथित अवैध बर्खास्तगी को रोकने का निर्देश दें।

  • RSS की 100 वर्ष की यात्रा; डाक टिकट और सिक्का जारी; सरकार्यवाह होसबाले ने कहा- हमारे कार्यों से देश और सरकारों की तस्वीर बदली

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    नयी दिल्ली, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने बुधवार को कहा कि आरएसएस ने पिछले 100 वर्षों से, विरोध के बावजूद, जनता के स्नेह के कारण, सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन बनने का प्रयास किया है।

    होसबाले की यह टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आरएसएस की शताब्दी के उपलक्ष्य में एक स्मारक डाक टिकट और एक सिक्का जारी करने से कुछ मिनट पहले आई।

    उन्होंने इस कदम के लिए सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि यह संघ के ‘‘निःस्वार्थ’’ कार्यों को मान्यता प्रदान करने के समान है।

    होसबाले ने कहा कि संघ और उसके स्वयंसेवक 1925 में विजयादशमी के अवसर पर डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा इसकी स्थापना किए जाने के बाद से ही व्यक्तियों के चरित्र निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के अपने मिशन पर बिना किसी स्वार्थ के काम कर रहे हैं।

    वह केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। आरएसएस के दूसरे नंबर के पदाधिकारी ने कहा, ‘‘यह संघ के स्वयंसेवकों और देशभक्तों के लिए खुशी की बात है… कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने इस विशेष अवसर पर एक डाक टिकट और सिक्का जारी करने का फैसला किया है।

    उन्होंने कहा, ‘‘विदेश में रहने वाले स्वयंसेवकों सहित सभी स्वयंसेवकों की ओर से, मैं इसके लिए अपना आभार व्यक्त करना चाहता हूं।

    होसबाले ने कहा कि राष्ट्र के प्रति योगदान के लिए व्यक्तियों और संगठनों को सम्मानित करना भारत में एक लंबे समय से चली आ रही परंपरा रही है।

    उन्होंने कहा, ‘‘भारत सरकार ने इस परंपरा को जारी रखा है। मेरा मानना ​​है कि इस तरह संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर भारत के लोगों की ओर से संघ के कार्यों को मान्यता दी गई है।

    होसबाले ने आरएसएस के 100 वर्षों को एक ‘दिलचस्प’ यात्रा बताया और कहा कि देश के लोगों द्वारा संघ के विचारों को मिले प्यार, समर्थन और स्वीकृति के कारण ही संघ इतनी दूर तक पहुंच पाया है।

    उन्होंने कहा, ‘‘संघ को हर तरह के विरोध, संघर्ष और उदासीनता का सामना करना पड़ा, लेकिन उस दिन से (आरएसएस की स्थापना के दिन से) संघ कार्यकर्ताओं ने लोगों की आत्मीयता, स्नेह, समर्थन और सहयोग का अनुभव किया है।

    होसबाले ने कहा कि ‘‘आरएसएस का विचार भारत का विचार है’’ जो इसकी जड़ों, इसकी संस्कृति और इसकी सभ्यता में समाहित है।

    उन्होंने कहा कि हजारों वर्षों से भारत के लोग इस विचार का पालन करते रहे हैं, इसे जीते रहे हैं और एक श्रेष्ठ समाज के निर्माण के संकल्प के साथ इसे आगे बढ़ाते रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम उस विचार, उस जीवन दर्शन, उस संस्कृति की पहचान हैं।’’

    होसबाले ने कहा कि संघ के विचार ने लोगों में फिर से आनंद जगाया है और उनमें यह विश्वास भरा है कि वे दुनिया में ‘‘सर्वश्रेष्ठ समाज’’ के रूप में उभरने में सक्षम हैं।

    उन्होंने कहा, ‘‘आज देश संघ को देशभक्ति, अनुशासन और निस्वार्थ सेवा के एक प्रभावशाली और सफल प्रतीक के रूप में देखता है।’’

    उन्होंने कहा कि संघ समाज को संगठित करने और उसके पुरुषार्थ को जागृत करने का प्रयास कर रहा है ताकि वह अपने रास्ते में आने वाली सभी चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हो सके।

    होसबाले ने कहा कि पिछले कुछ दशकों में दुनिया के सामने भारत की ‘विकृत’ छवि पेश करने के दुर्भावनापूर्ण प्रयास किए गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले कुछ वर्षों में, हमारे कार्यों की सफलता से देश और सरकारों की तस्वीर बदली है।

    उन्होंने कहा, ‘‘एक नया रास्ता सामने आया है। हमें देश के भीतर और वैश्विक मंच पर भी भारत के विमर्श को मजबूत करना होगा। दुनिया भर में, भारत के बारे में भारत का विमर्श सकारात्मक और सत्य पर आधारित होना चाहिए। अपनी शताब्दी के इस अवसर पर संघ का यही विचार है।

    समाज में पांच गुना परिवर्तन लाने के आरएसएस के एजेंडे के तहत, होसबाले ने लोगों से स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने और अपनाने तथा भारत को आत्मनिर्भर बनाने का आह्वान किया।

    उन्होंने कहा कि अपने ‘पंच परिवर्तन’ एजेंडे के साथ, आरएसएस देश के लोगों में ‘भारतीय’ मूल्यों, सही पारिवारिक मूल्यों, सामाजिक सद्भाव, पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने और अपने नागरिक कर्तव्यों का पालन करने के साथ ‘स्व’ की भावना का संचार करना चाहता है।

  • अमेरिका में सरकारी ‘शटडाउन’ शुरू, अनिश्चितता का दौर आरंभ

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    वाशिंगटन, अमेरिका में सरकारी कार्यक्रम और सेवाएं जारी रखने को लेकर निर्धारित समय सीमा -बुधवार- को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और संसद के बीच कोई समझौता न हो पाने के बाद सरकारी वित्त-पोषण पर रोक (शटडाउन) शुरू हो गई, जिसके चलते अनिश्चितता का माहौल पैदा हो गया।

    शटडाउन के दौरान संघीय सरकार के लगभग 7,50,000 कर्मचारियों को छुट्टी पर भेजे जाने की आशंका है। शटडाउन के दौरान कई कार्यालय बंद हो जाएंगे। शटडाउन के कारण शिक्षा, पर्यावरण और अन्य सेवाएं ठप पड़ जाएंगी। इसका असर पूरे देश में पड़ने की उम्मीद है।

    समय सीमा पूरी होने से पहले ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा, “हम शटडाउन नहीं चाहते।

    हालांकि इस सप्ताह सांसदों से व्यक्तिगत तौर पर मुलाकात करने वाले ट्रंप ‘शटडाउन’ से बचने के लिए डेमोक्रेटिक और रिपब्लकिन पार्टी के सांसदों के बीच समझौते को लेकर बातचीत कराने के इच्छुक नजर नहीं आ रहे थे।

    रिपब्लिकन सांसद ने बातचीत से इनकार कर दिया और ट्रंप को किसी भी बातचीत से दूर रहने के लिए प्रोत्साहित किया। व्हाइट हाउस में मुलाकात के बाद राष्ट्रपति ने डेमोक्रेटिक नेतृत्व का मजाक उड़ाते हुए एक कार्टूननुमा फर्जी वीडियो पोस्ट किया, जिसे व्यापक रूप से गैर-गंभीर और नस्लवादी माना गया।

    उपराष्ट्रपति जे डी वेंस ने बुधवार को कहा कि रिपब्लिकन सांसद स्वास्थ्य देखभाल से जुड़े उन मुद्दों को सुलझाना चाहते हैं, जिनपर डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने चिंता जताई है।

    अमेरिकी शिक्षा विभाग में सरकारी वित्त पोषण रुकने से कामकाज ठप पड़ने की आशंका है। शिक्षा विभाग का कहना है कि बुधवार से शुरू हो रहे ‘शटडाउन’ के दौरान हालांकि उसके कई मुख्य कार्य जारी रहेंगे और संघीय वित्तीय सहायता जारी रहेगी, लेकिन छात्र ऋण भुगतान अब भी बकाया रहेंगे।

    वहीं, नागरिक अधिकारों से जुड़ी शिकायतों की जांच बंद हो जाएगी और विभाग नए संघीय अनुदान जारी नहीं करेगा। विभाग की एक आकस्मिक योजना के अनुसार, उसके लगभग 87 प्रतिशत कर्मचारियों को छुट्टी पर भेज दिया जाएगा।

    प्रशासन ने संकेत दिया है कि ‘शटडाउन’ की स्थिति में संघीय एजेंसियों में और भी पद पूरी तरह से समाप्त हो सकते हैं। पिछले ‘शटडाउन’ में कांग्रेस द्वारा संघीय धन बहाल करने के बाद छुट्टी पर गए कर्मचारियों को वापस बुला लिया गया था। इस बार ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) के प्रबंधन एवं बजट कार्यालय ने संघीय कर्मचारियों को बड़े पैमाने पर नौकरी से निकालने की धमकी दी है।

    मई में सदन की विनियोग समिति के समक्ष पेश हुईं शिक्षा मंत्री लिंडा मैकमोहन ने कहा कि इस साल की छंटनी ने उनके विभाग को कमजोर कर दिया है और कुछ मामलों में तो बहुत ज्यादा असर पड़ा है।

    सांसदों के गतिरोध और सरकार को धन मुहैया कराने की समय-सीमा चूकने के कारण अमेरिका में लंबे समय तक ‘शटडाउन’ की आशंका है।

    रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों ने 21 नवंबर तक सरकार को मौजूदा स्तर पर धन मुहैया कराने के लिए एक अल्पकालिक उपाय का समर्थन किया, लेकिन डेमोक्रेटिक पार्टी ने इसका विरोध किया और इस बात पर जोर दिया कि उपाय में स्वास्थ्य देखभाल पर उनकी चिंताओं का समाधान होना चाहिए।

    डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद कुछ समय पहले पारित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘मेडिकेड’ कटौती को बदलना चाहते हैं और कर क्रेडिट का विस्तार करना चाहते हैं जो ‘अफोर्डेबल केयर एक्ट’ द्वारा स्थापित बाजारों के माध्यम से स्वास्थ्य बीमा लेने वाले लाखों लोगों के लिए बीमा प्रीमियम को अधिक किफायती बनाता है।

  • अतीक अहमद का बेटा अली कड़ी सुरक्षा के बीच नैनी से झांसी जेल स्थानांतरित

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    झांसी, बहुचर्चित माफिया अतीक अहमद के बेटे अली अहमद को बुधवार दोपहर प्रयागराज की नैनी जेल से झांसी के जिला कारागार में स्थानांतरित कर दिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

    उनके मुताबिक, कड़ी सुरक्षा के बीच यहां पहुंचे अली अहमद के लिए जिला कारागार में भी सुरक्षा के तीन स्तरीय विशेष इंतजाम किए गए हैं।

    इस संबंध में उप जेलर आदित्य कुमार ने बताया कि आज दोपहर लगभग ढाई बजे पहुंचे अली अहमद नामक इस कैदी को सुरक्षित तरीके से जिला कारागार में दाखिल कराया गया और पूरे कारागार में सीसीटीवी कैमरों द्वारा इसकी निगरानी की जाएगी और यहां सुरक्षा के तीन स्तरीय इंतजाम किए गए हैं।

    अली अहमद पर करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगने सहित अन्य मुकदमे चल रहे हैं । अधिकारियों के मुताबिक, आज शासन के आदेशानुसार उसे सुबह नैनी जेल से झांसी जिला कारागार स्थानांतरित किया गया है।