[responsivevoice_button voice = “Hindi Female” buttontext = “इस खबर को सुनें”]
बरेली हिंसा मामले में शामिल दो आरोपियों, इदरीस और इकबाल, का एनकाउंटर हुआ है। मुठभेड़ में दोनों के पैर में गोली लगी है और अब दोनों ही पुलिस हिरासत में हैं। इनके पास से एसपी सिटी के गनर से लूटी गई गन भी बरामद की गई है। एनकाउंटर सीबीगंज थाना क्षेत्र के बंडीया नहर के पास हुआ।
पुलिस के अनुसार, जब टीम आरोपियों तक पहुंची, तो दोनों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वो घायल हो गए और उन दोनों को पकड़ लिया गया।
अब तक पुरे 75 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें इदरीस और इकबाल भी शामिल हैं। पुलिस को संदेह है कि सैकड़ों गिरफ्तारियां और की जा सकती हैं। हिंसा के सिलसिले में दर्ज FIR में करीब 3000 लोगों के खिलाफ सबूत भी हैं।
पुलिस के मुताबिक, इदरीस और इकबाल शाहजहांपुर के निवासी हैं। इदरीस पर पहले से 30, जबकि इकबाल पर 17 आपराधिक केस दर्ज हैं। इदरीस के पास से एंटी फ्लेयर गन भी बरामद की गयी है। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
जांच में सामने आया है कि इस हिंसा का मास्टरमाइंड मौलाना तौकीर रजा है। पुलिस के अनुसार, ये घटना पूर्व नियोजित थी और प्रदर्शन के नाम पर माहौल बिगाड़ने की योजना पहले से बनाई गई थी। पुलिस ने पहले लोगों को समझाने की कोशिश भी की थी, लेकिन बात नहीं मानी गई जिसके बाद हिंसा भड़क गई जो लगभग आधे घंटे तक चली।
सहारनपुर जिले में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक शाहनवाज खान को पिछले शुक्रवार को बरेली में हुई हिंसा के बाद वहां जाने से पहले ही मंगलवार देर रात पुलिस ने उनके घर में नजरबंद कर दिया।
मसूद और खान के घरों के बाहर मंगलवार देर शाम से ही बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। सांसद इमरान मसूद ने बुधवार को अपने आवास पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ”हम गांधी विचारधारा के लोग हैं। हम दोनों सुबह छह बजकर 50 मिनट पर जाने वाली ट्रेन से बरेली जा रहे थे। वहां हमें पुलिस उप महानिरीक्षक और अन्य अधिकारियों से मुलाकात करनी थी और हमें डेढ़ बजे की ट्रेन से लौटना था। मगर हमें नजरबंद करके हमारा रास्ता रोक दिया गया।
मसूद ने कहा, सरकार मुसलमानों को निशाना बनाकर उन पर कार्रवाई कर रही है। क्या हमारे लिये एक कानून होगा और दूसरों के लिये दूसरा होगा?” मसूद ने कहा कि देश में अगर इस तरह का माहौल चल रहा होगा तो हमें होशियार होना पड़ेगा।
सांसद ने सवाल करते हुए कहा, ”फतेहपुर में जिस तरह मकबरे में घुसकर मजार पर तोडफोड़ और अराजकता हुई, तमाशा हुआ वहां, लोग बैरिकेडिंग तोड़कर अंदर घुसे और तोड़फोड़ की। वहां आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। मुजफरनगर की सड़कों पर लोगों ने होटलों को लूट लिया लेकिन वहां कोई कार्यवाही नही हुई। पोस्टर लेकर कोई लड़का खडा हो गया तो क्या आप उसके हाथ पैर तोड़ देंगे? उस पोस्टर में तो किसी के लिये नफरत नहीं थी।