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  • कम नींद दिमाग को वक्त से पहले बूढ़ा बना सकती है? नींद में बार-बार खलल! मस्तिष्क के ऊतकों की हानि

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    हम अपनी जिंदगी का लगभग एक-तिहाई हिस्सा सोने में बिताते हैं, लेकिन काम के लिहाज से निष्क्रिय अवस्था होने के बावजूद नींद वक्त की बर्बादी नहीं है। यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की रक्षा करने वाली एक सक्रिय एवं आवश्यक प्रक्रिया है।

    जब नींद में बार-बार खलल पड़ता है, तो दिमाग को इसका खामियाजा भुगतान पड़ता है, जिसका असर अक्सर वर्षों बाद उभरकर सामने आता है।

    एक नये अध्ययन में मैंने और मेरे सहयोगियों ने 40 से 70 साल की उम्र के 27,000 से अधिक ब्रिटिश वयस्कों की नींद की गुणवत्ता जांची और एमआरआई स्कैन के डेटा के विश्लेषण के जरिये इससे मस्तिष्क पर पड़ने वाले प्रभाव का आकलन किया। हमने पाया कि खराब गुणवत्ता की नींद मानव मस्तिष्क को वक्त से पहले बूढ़ा बना देती है।

    मस्तिष्क के वक्त से पहले बूढ़े होने का क्या मतलब है? हम सब भले ही कालानुक्रमिक रूप से एक ही रफ्तार से बूढ़े होते हैं, फिर भी कुछ लोगों के शरीर की जैविक घड़ी दूसरों के मुकाबले तेज या धीमी गति से चलती है। मस्तिष्क की जांच की बेहतर तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की बदौलत शोधकर्ताओं के लिए एमआरआई स्कैन के विभिन्न पहलुओं, मसलन-मस्तिष्क के ऊतकों की हानि, कॉर्टेक्स का पतला होना और रक्त वाहिकाओं को नुकसान-के आधार पर किसी व्यक्ति के मस्तिष्क की उम्र का अंदाजा लगाना मुमकिन है।

    हमारे अध्ययन में एमआरआई स्कैन से मिले 1,000 से ज्यादा ‘इमेजिंग मापदंड़ों’ का इस्तेमाल करके मस्तिष्क की उम्र का अनुमान लगाया गया। हमने पहले एक एआई मॉडल को सबसे स्वस्थ प्रतिभागियों के एमआरआई स्कैन के जरिये प्रशिक्षित किया। इनमें ऐसे लोग शामिल थे, जिन्हें कोई बड़ी बीमारी नहीं थी और जिनके मस्तिष्क की उम्र उनकी कालानुक्रमिक आयु से काफी मेल खाती है। एक बार जब मॉडल ने यह “समझ लिया” कि उम्र सामान्य रूप से कैसे बढ़ती है, तो हमने इसके जरिये अध्ययन में शामिल सभी प्रतिभागियों के मस्तिष्क की आयु का पता लगाया।

    आपके मस्तिष्क की आयु आपकी वास्तविक उम्र से अधिक होने का मतलब यह है कि आप सामान्य रफ्तार से बूढ़े नहीं हो रहे हैं। पूर्व में हुए कई अध्ययनों में मस्तिष्क के वक्त से पहले बूढ़े होने को याददाश्त एवं तर्क शक्ति में कमी, डिमेंशिया के जोखिम में वृद्धि और यहां तक कि असामयिक मौत के खतरे में बढ़ोतरी के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है।

    नींद एक जटिल प्रक्रिया है और कोई भी एक मापदंड किसी व्यक्ति की नींद की गुणवत्ता पूरी तरह से नहीं बयां कर सकता है। इसलिए, हमारे अध्ययन में हमने प्रतिभागियों की ओर से बताए गए नींद के पांच पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया। पहला, किसी व्यक्ति की सोने-जगने की प्रवृत्ति। दूसरा, वह आमतौर पर कितने घंटे सोता है (सात से आठ घंटे की नींद सबसे अच्छी मानी जाती है)। तीसरा, क्या उसे अनिद्रा की शिकायत है। चौथा, क्या वह खर्राटे लेता है। और पांचवां, क्या उसे दिन के दौरान अत्यधिक नींद आती है।

    ये पहलू किसी व्यक्ति में परस्पर रूप से उभर सकते हैं। मिसाल के तौर पर, अगर किसी व्यक्ति को अनिद्रा की शिकायत है, तो उसे दिन के दौरान अत्यधिक नींद आने की शिकायत हो सकती है। इसी तरह, कोई व्यक्ति अगर रात में देर तक जगने का आदी है, तो उसकी नींद के घंटे कम हो सकते हैं। सभी पांच पहलुओं को ‘स्वस्थ नींद स्कोर’ में एकीकृत करके, हमने नींद की गुणवत्ता की एक अधिक व्यापक तस्वीर तैयार की।

    चार से पांच पहलुओं पर अच्छा प्रदर्शन करने वाले लोगों की नींद की गुणवत्ता “अच्छी” मानी जाती है। वहीं, दो से तीन पहलुओं पर अच्छा प्रदर्शन करने वालों के मामले में यह “मध्यम”, जबकि एक पहलु पर अच्छे प्रदर्शन वालों या सभी पहलुओं पर खराब प्रदर्शन वालों की नींद की गुणवत्ता “खराब” समझी जाती है।

    जब हमने अलग-अलग गुणवत्ता की नींद वाले लोगों के मस्तिष्क की उम्र की तुलना की, तो अंतर स्पष्ट रूप से देखने को मिला। “अच्छी” गुणवत्ता वाली नींद के स्कोर में हर एक अंक की कमी के साथ, मस्तिष्क की आयु और कालानुक्रमिक उम्र के बीच का अंतर लगभग छह महीने बढ़ गया। हमने पाया कि खराब नींद वाले लोगों का मस्तिष्क उनकी कालानुक्रमिक आयु के आधार पर औसतन लगभग एक साल अधिक बूढ़ा दिखाई देता है, जबकि स्वस्थ नींद वाले लोगों में ऐसा कोई अंतर नहीं नजर आता है।

    हमने नींद के पांचों पहलुओं के असर का अलग-अलग विश्लेषण भी किया। इस दौरान, हमने देखा कि रात को देर से सोने और सात घंटे से कम की नींद लेने वालों का मस्तिष्क सबसे तेजी से बूढ़ा होता है।

    मस्तिष्क की उम्र और कालानुक्रमिक आयु में एक साल का अंतर सुनने में तो ज्यादा नहीं लगता है, लेकिन दिमाग की सेहत के लिहाज से यह बहुत मायने रखता है। मस्तिष्क के बूढ़े होने की रफ्तार में मामूली वृद्धि का भी लंबे समय में व्यापक प्रभाव दिख सकता है, जिसमें याददाश्त और तर्क शक्ति में कमी, डिमेंशिया और तंत्रिका तंत्र संबंधी अन्य समस्याएं शामिल हैं।

    ——आदत बदलना आसान——

    नींद से जुड़ी आदतों को बदलना मुश्किल नहीं है। हालांकि, नींद संबंधी सभी समस्याएं आसानी से दूर नहीं होतीं, लेकिन सोने-उठने का समय निर्धारित करने तथा उसे सख्ती से अमल में लाने, कैफीन युक्त पदार्थों तथा शराब के सेवन में कमी लाने, सोने से पहले ‘स्क्रीन’ के इस्तेमाल से परहेज करने और कमरे को ठंडा बनाने तथा वहां रोशनी एवं ध्वनि का स्तर न के बराबर रखने से नींद की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है।

    ——नींद की गुणवत्ता अहम क्यों——

    किसी व्यक्ति की नींद की गुणवत्ता उसके मस्तिष्क के स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करती है? इसका एक कारण “सूजन” हो सकती है। विभिन्न अध्ययन दर्शाते हैं कि नींद की कमी शरीर में सूजन के स्तर को बढ़ा देती है। यह सूजन मस्तिष्क को कई तरह से नुकसान पहुंचा सकती है, जिसमें रक्त वाहिकाओं को क्षति, विषाक्त प्रोटीन के थक्के का जमाव और मस्तिष्कीय कोशिकाओं की मृत्य दर में वृद्धि शामिल है। हमने अपने अध्ययन में पाया कि नींद और मस्तिष्क की उम्र बढ़ने के बीच संबंध में सूजन के स्तर का लगभग 10 फीसदी योगदान होता है।

    ——ग्लाइंफैटिक प्रणाली की भूमिका——

    ग्लाइंफैटिक प्रणाली भी यह निर्धारित करने में अहम भूमिका निभाती है कि किसी व्यक्ति की नींद की गुणवत्ता उसके मस्तिष्क के स्वास्थ्य को कैसे प्रभावित करती है। ग्लाइंफैटिक प्रणाली मस्तिष्क का “अपशिष्ट निपटान नेटवर्क” है, जो मुख्यतः नींद के दौरान सक्रिय होता है। जब नींद बाधित होती है या अपर्याप्त होती है, तो यह प्रणाली ठीक से काम नहीं कर पाती है, जिससे मस्तिष्क में हानिकारक पदार्थ जमा हो जाते हैं।

    इसके अलावा, खराब नींद मोटापे, मधुमेह और दिल की बीमारियों का जोखिम बढ़ाती है, जो अपने आप में मस्तिष्क की सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं।

    मस्तिष्क को बूढ़ा होने से रोका नहीं जा सकता, लेकिन हमारा व्यवहार और जीवनशैली इसकी रफ्तार को प्रभावित कर सकती है। हमारे अध्ययन के निहितार्थ स्पष्ट हैं : मस्तिष्क को लंबे समय तक स्वस्थ रखने के लिए अच्छी नींद को प्राथमिकता देना जरूरी है।

    (द कन्वरसेशन)

  • Gaja के लिए मानवीय सहायता ले जा रहे ज्यादातर जहाजों को इजराइली नौसेना ने रोका

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    यरुशलम, इजराइली नौसेना के सैनिक गाज़ा की नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे एक बेड़े (फ्लोटिला) के अधिकांश जहाज़ों पर चढ़ गए और दर्जनों कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।

    इस फ्लोटिला के आयोजकों ने कहा कि एक नौका आगे बढ़ गयी थी लेकिन बृहस्पतिवार सुबह गाज़ा के तट के पास रुक गई और उसके बाद उस जहाज़ से संपर्क टूट गया।

    ‘द ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला’ नामक इस काफिले में लगभग 50 छोटे जहाज शामिल हैं, जिन पर करीब 500 लोग सवार हैं। यह काफिला गाजा के घेराबंदी वाले क्षेत्र में फंसे फलस्तीनियों के लिए मानवीय सहायता ले जा रहा है, जिसमें मुख्य रूप से खाद्य सामग्री और दवाइयां शामिल हैं।

    फ्लोटिला ने कहा कि उनके 39 जहाज़ों को बृहस्पतिवार सुबह तक या तो रोक लिया गया या माना जा रहा है कि रोक लिया गया, क्योंकि कार्यकर्ताओं से संपर्क टूट गया है। यह कार्रवाई इज़राइल द्वारा बुधवार रात से शुरू की गई थी।

    यह इजराइल की समुद्री नाकाबंदी तोड़ने का अब तक का सबसे बड़ा प्रयास है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि उन्हें विश्वास था कि इतनी बड़ी संख्या में नावों के साथ, इज़राइली अधिकारियों के लिए सभी को रोकना अधिक कठिन होगा।

    फ्लोटिला के समर्थक बुधवार देर रात नौकाओं को रोके जाने की खबर सामने आने के बाद, कई बड़े शहरों की सड़कों पर उतर आए। इनमें रोम, नेपल्स, इस्तांबुल, एथेंस और ब्यूनस आयर्स शामिल थे। इटली के सबसे बड़े मज़दूर संघ ने शुक्रवार को एक दिन की आम हड़ताल का आह्वान किया है।

    इजराइली सैनिकों ने दर्जनों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया और उन्हें फ़्लोटिला से हटा दिया जिनमें ग्रेटा थनबर्ग, बार्सिलोना की पूर्व मेयर अदा कोलाऊ, यूरोपीय संसद सदस्य रीमा हसन और अन्य शामिल थे।

    इजराइली विदेश मंत्रालय ने कार्यकर्ताओं की तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए और ‘एक्स’ पर एक बयान में कहा कि वे ‘‘सुरक्षित और स्वस्थ’’ हैं तथा उन्हें यूरोप में निर्वासन प्रक्रियाओं के लिए इज़राइल ले जाया जाएगा।

    दुनिया भर की सरकारों ने फ़्लोटिला को रोके जाने की निंदा की है। तुर्किये, कोलंबिया, पाकिस्तान, मलेशिया और अन्य देशों ने इज़राइल द्वारा फ़्लोटिला को रोके जाने की निंदा की।

  • फ्रांस की पुलिस ने रूसी बेड़े से जुड़े तेल टैंकर के चालक दल के दो सदस्यों को लिया हिरासत में

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    फ्रांस की पुलिस ने देश के अटलांटिक तट पर फंसे एक तेल टैंकर के चालक दल के दो सदस्यों को हिरासत में लिया है। फ्रांस के एक अभियोजक ने यह जानकारी दी।

    फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का दावा है कि यह टैंकर रूसी बेड़े का हिस्सा है, जिसका परिचालन गोपनीय तरीके से किया जाता है। इस तरह के पुराने टैंकरों का मालिकाना हक स्पष्ट नहीं है और इनमें सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज किया जाता है। आरोप है कि यूक्रेन में रूस के युद्ध के कारण पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों से बचने के लिए ऐसे टैंकर का इस्तेमाल किया जाता है।

    पश्चिमी बंदरगाह शहर ब्रेस्ट के अभियोजक स्टीफन केलेनबर्गर ने कहा कि खुद को जहाज का कप्तान और मुख्य सहायक बताने वाले चालक दल के सदस्य बुधवार से हिरासत में हैं।

    केलेनबर्गर ने बताया कि अटलांटिक समुद्री प्रीफेक्ट (फ्रांस सरकार के अधिकारी) द्वारा सोमवार को न्यायिक अधिकारियों को सूचित किए जाने के बाद चालक दल के ‘सहयोग करने से इनकार’ के बाद प्रारंभिक जांच शुरू की गई। चालक दल यह भी नहीं स्पष्ट कर पाया कि यह जहाज किस देश का है।

    एक सैन्य अधिकारी ने बुधवार को बताया कि फ्रांसीसी नौसेना ने कुछ दिन पहले अभियोजकों के अनुरोध पर जहाज के खिलाफ कार्रवाई की थी, क्योंकि उन्हें संदेह था कि इसमें कुछ गड़बड़ है। अधिकारी के अनुसार, जहाज को आगे की जांच होने तक वहीं रुकने का आदेश दिया गया है।

    समुद्री यातायात निगरानी वेबसाइट के अनुसार, यह जहाज 20 सितंबर को सेंट पीटर्सबर्ग के निकट प्रिमोर्स्क स्थित रूसी तेल टर्मिनल से रवाना होने के बाद डेनमार्क के तट से गुजरा था, तथा रविवार से फ्रांस के पश्चिमी बंदरगाह सेंट-नज़ायर के तट से दूर रुका हुआ है।

    मैक्रों ने बुधवार को डेनमार्क के कोपेनहेगन में यूरोपीय संघ के नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान कहा, ‘‘टैंकर के चालक दल ने कुछ बहुत गलत काम किए हैं।’’ उन्होंने कहा कि इस टैंकर ने रूस के उस बेड़े के अस्तित्व को ‘‘उजागर’’ किया है, जिसका चोरी छिपे परिचालन किया जाता है।

    ‘‘पुष्पा’’ या ‘‘बोराके’’ नामक इस टैंकर का नाम कई बार बदला गया है। इस पर पश्चिम अफ्रीकी देश बेनिन का ध्वज लगा है और यह रूस के खिलाफ यूरोपीय संघ के प्रतिबंधों के तहत लक्षित जहाजों की सूची में शामिल है।

  • लखनऊ हवाई अड्डे के पास ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड मृत मिला

    लखनऊ हवाई अड्डे के पास ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड मृत मिला

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    राजधानी लखनऊ में चौधरी चरण सिंह हवाईअड्डा के निकट तैनात एक होमगार्ड बृहस्पतिवार सुबह मृत पाया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।

    उसने बताया कि एक सुरक्षा कार्यालय के भीतर होमगार्ड एक रस्सी से लटका पाया गया। होमगार्ड हवाईअड्डे पर कमांडेंट कार्यालय से संबद्ध था।

    उत्तर प्रदेश में होमगार्ड एक स्वैच्छिक बल होता है जो कानून व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, आपदा राहत और अन्य आपात कार्यों में में पुलिस और प्रशासन की मदद करता है। आमतौर पर वह मानदेय के आधार पर काम करता है।

    सरोजनी नगर के थानाप्रभारी राजदेव प्रजापति ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “मृतक की पहचान 35 वर्षीय विक्रम सिंह के रूप में की गई है। वह रात्रि की ड्यूटी पर था। जब उसका सहकर्मी ड्यूटी बदलने के लिए सुबह उसके पास पहुंचा तो पाया कि परिसर का गेट बंद है और काफी देर तक अंदर से कोई आवाज नहीं आई।

    उन्होंने कहा कि सहकर्मी ने ऊपर चढ़कर देखा तो उसने पाया कि सिंह मृत है जिसके बाद उसने तत्काल पुलिस को सूचित किया।

    प्रजापति ने कहा कि शव पर चोट के कोई निशान नहीं हैं जिससे मृतक के साथ कोई घटना का संदेह उत्पन्न नहीं होता। हालांकि, पुलिस मृत्यु का कारण जानने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है।

  • बरेली में इंटरनेट सेवा 48 घंटे के लिए बंद; दशहरा से पहले बरेली मंडल में हाई अलर्ट

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    बरेली, दशहरा उत्सव के मद्देनजर बरेली मंडल के चार जिलों में कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किये गये हैं। बवाल के बाद बरेली जिले में मोबाइल इंटरनेट, ब्रॉडबैंड और एसएमएस सेवाओं पर लगी पाबंदी अगले 48 घंटे के लिए और बढ़ा दी गयी है।

    उन्होंने बताया कि संवेदनशील इलाकों में पुलिस, पीएसी और आरएएफ के जवानों को तैनात किया गया है तथा ड्रोन के जरिये निगरानी की जा रही है।

    गत शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद कोतवाली क्षेत्र की एक मस्जिद के बाहर दो हजार से ज्यादा लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। इस दौरान हुए पथराव और लाठीचार्ज में कुछ पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हो गये थे।

    यह हिंसा ‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर विवाद को लेकर इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा खां द्वारा प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को रद्द किये जाने के बाद शुरू हुई।

    मंडलायुक्त भूपेंद्र एस चौधरी ने बताया कि बरेली में हाल में हुई हिंसा के बाद आज दशहरे के त्योहार के मद्देनजर बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत और बदायूं जिलों के लिए ‘हाई अलर्ट’ जारी किया गया है।

    उन्होंने बताया कि गृह विभाग के गोपनीय अनुभाग-3 द्वारा जारी अधिसूचना के तहत जिले में मोबाइल इंटरनेट, ब्रॉडबैंड और एसएमएस सेवाएं अगले 48 घंटे के लिए निलंबित कर दी गई हैं।

    उन्होंने कहा कि यह आदेश दो अक्टूबर अपराह्न तीन बजे से चार अक्टूबर अपराह्न तीन बजे तक प्रभावी रहेगा।

    गृह विभाग के सचिव गौरव दयाल ने आदेश में कहा कि हालात को देखते हुए सोशल मीडिया मंचों जैसे फेसबुक, यूट्यूब, व्हाट्सऐप और मैसेजिंग सिस्टम के दुरुपयोग से अफवाहें फैलने और सांप्रदायिक तनाव भड़कने की आशंका है, ऐसे में जिले में शांति-व्यवस्था बनाये रखने के लिए यह कदम उठाना जरूरी है।

    मंडलायुक्त चौधरी ने कहा कि पुलिस अधिकारियों को भीड़भाड़ वाले कार्यक्रमों– रामलीला, दुर्गा पूजा मेलों और रावण दहन कार्यक्रमों के दौरान सतर्क रहने के विशेष निर्देश दिए गए हैं।

    उन्होंने कहा कि विजयादशमी और उससे जुड़े त्योहारों के शांतिपूर्ण आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन कड़ी निगरानी रख रहा है।

    चौधरी ने अधिकारियों को शरारती तत्वों से सख्ती से निपटने के निर्देश दिए और कर्तव्य में किसी भी तरह की लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।

    उन्होंने कहा,‘‘सभी जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें। किसी भी तरह की चूक पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।अधिकारियों ने बताया कि खुफिया एजेंसियों को भी अलर्ट पर रखा गया है।

    एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया,‘‘संवेदनशील स्थानों पर सशस्त्र पुलिस बल तैनात किये जा रहे हैं। हम पूरी तरह से पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित कर रहे हैं ताकि बरेली में हुई घटना जैसी कोई वारदात पड़ोसी जिलों में न हो। निगरानी के लिए ड्रोन तैनात किये गये हैं। बरेली में 26 सितंबर को हुई हिंसा के सिलसिले में बुधवार तक 81 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

  • आईआईटी कानपुर में छात्र का शव छात्रावास के कमरे में लटका मिला

    आईआईटी कानपुर में छात्र का शव छात्रावास के कमरे में लटका मिला

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    कानपुर, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-कानपुर (आईआईटी-के) में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष के एक छात्र को उसके छात्रावास के कमरे में मृत पाया गया। पुलिस सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

    पुलिस ने बताया कि साथियों ने उसके बंद कमरे से दुर्गंध आने की जानकारी दी थी। पुलिस को दी गयी जानकारी के अनुसार, हरियाणा निवासी धीरज सैनी (22) छात्रावास-एक के अपने कमरा संख्या 123 से कई दिनों से बाहर नहीं निकला था।

    सहायक पुलिस आयुक्त (कल्याणपुर) रंजीत कुमार ने बताया कि उसके बंद कमरे से बुधवार को दुर्गंध आने पर साथियों ने अधिकारियों को इसकी जानकारी दी, उसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। उन्होंने बताया कि दरवाजा तोड़ने पर छात्र का शव पंखे से रस्सी के सहारे लटका पाया गया।

    पुलिस ने बताया कि वहां आत्महत्या से पहले लिखा गया कोई पत्र (सुसाइड नोट) बरामद नहीं हुआ है।पीड़ित छात्र ने कुछ दिन पहले अपने परिवार को बताया था कि वह दिसंबर में घर लौटेगा।

    एसीपी ने बताया कि आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारण की पुष्टि संभव हो सकेगी। उन्होंने कहा, ‘‘अगर कोई शिकायत दर्ज कराई जाती है, तो आगे की जांच की जाएगी।

    धीरज के पिता सतीश सैनी मिठाई की एक दुकान चलाते हैं। सैनी ने पुलिस को बताया, ‘‘आईआईटी-के ने मेरे बेटे को निगल लिया। वह मेरा हीरा था। मैं बता नहीं सकता कि मैंने उसे पढ़ाने के लिए कितनी मेहनत की।

    उन्होंने बताया कि धीरज ने आखिरी बार कुछ दिन पहले ही अपनी बड़ी बहन से बात करके बताया था कि वह दिसंबर में घर आएगा और उसे मार्च तक ‘कैंपस प्लेसमेंट’ के जरिये नौकरी मिलने की उम्मीद है।

    छात्रावास के साथियों के अनुसार, धीरज शांत रहता था। साथियों ने मान लिया था कि संभव है धीरज छुट्टी पर घर गया होगा, इसलिए जब तक उसके कमरे से दुर्गंध नहीं आने लगी, तब तक किसी का ध्यान इस ओर नहीं गया।

  • Watch, अयोध्या: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी वर्ष प्रारंभ; शस्त्र पूजन पश्चात स्वयंसेवकों का पुष्प वर्षा के बीच पथ संचलन

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    अयोध्या, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपनी १०० वर्षों की यात्रा पूरी करते हुए शताब्दी वर्ष का प्रारंभ किया। अयोध्या के राम कथा पार्क में संघ ने अपना स्थापना दिवस विजयादशमी उत्सव के रूप में मनाया।

    इसी दिन एक सामर्थ्यवान राष्ट्र के रूप में भारत को परम वैभव पर ले जाने हेतु डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार जी ने 27 सितम्बर सन् 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कार्य प्रारंभ किया था।

    ध्वजारोहण के साथ मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह मा. दत्तात्रेय होसबाले जी ने शस्त्र पूजन कर भगवान राम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर पूजन अर्चन किया।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भगवान श्री ऋषभ देव जन्मभूमि दिगम्बर जैन तीर्थ अयोध्या के पीठाधीश पूज्यसंत रवींद्र कीर्ति स्वामी जी ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण संघ के वर्षों के संघर्ष का परिणाम है। संघ वैदिक, सनातन संस्कृति के मूल मंत्र अहिंसा परमो धर्मः का पालन करने वाला संगठन है।

    इस मौके पर हजारों की संख्या में उपस्थित स्वयंसेवकों ,समाज बन्धुओं तथा अयोध्या के पूज्य संतों के बीच मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह मा. दत्तात्रेय होसबाले जी ने अपने संबोधन में कहा कि विजयादशमी धर्म स्थापना का मंगल उत्सव है। अधर्म पर धर्म की, अन्याय पर न्याय की, असत्य पर सत्य की जीत की कामना करते हैं।

    राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने अद्भुत प्रेरणादाई यात्रा के सौ वर्ष पूर्ण करते हुए अपने शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर रहा है। आज देश के किसी भी सीमा के अंतिम गांव में संघ की शाखा लगती है। संघ के स्वयंसेवक देश व विदेशों में भी रहकर मानवता की सेवा में निरंतर कार्य कर रहे हैं। यहां कई पंथ संप्रदाय हैं जो सब हिन्दू धर्म के ही कार्य कर रहे हैं।

    बुद्ध, जैन, सिख सब के एक ईश्वर हैं। हिंदुत्व समन्वय का विचार है। रामराज्य और हिंदू राष्ट्र अलग अलग नहीं है। प्रभु राम केवल भारत भूमि के नहीं बल्कि समस्त मानव जाति के लिए आदर्श हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समाज को एक ध्येय मार्ग पर संगठित करने का संकल्प लेकर कार्य कर रहा है।

    स्वार्थी हिंदू को सेवाभावी हिंदू बनाओ। अकर्मण्य हिन्दू को पुरुषार्थ वाला बनाओ। बिखरे हुए हिंदू को संगठित हिन्दू बनाओ।

    राष्ट्रभक्ति, सेवा, अनुशासन के मार्ग पर चलते हुए, देश सेवा के लिए सामने आएं, कमजोर दुर्बल के जीवन को सार्थक बनाने के लिए संघ के स्वयं सेवक कार्यरत हैं। संघ के साथ मिलकर जिन्होंने इस कार्य में सहयोग किया, हम सब आज उन सबका स्मरण करते हुए आभार व्यक्त करते हैं।

    भारत के प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षा, सम्मान, प्रतिष्ठा मिलनी चाहिए। इसलिए संघ शताब्दी वर्ष से पंच परिवर्तन के विषय को ले कर आगे बढ़ेंगे।

    देश हमे देता है सब कुछ हम भी तो कुछ देना सीखें।इस विचार को लेकर नौजवानों को खड़ा होना चाहिए।

    देश में एक अध्यात्म, चरित्र, धर्म की क्रांति होनी चाहिए। जीवन सार्थक हो गया ऐसा विचार आना चाहिए। व्यक्ति निर्माण से चरित्र एवं राष्ट्र निर्माण करना ही संघ का उद्देश्य है।

    कार्यक्रम के पश्चात पथ संचलन निकला जो राम कथा पार्क से तुलसी उद्यान होते हुए राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य द्वार के ठीक सामने बिड़ला मंदिर पर समाप्त हुआ। विशेष घोष के साथ पूर्ण गणवेश में कदम से कदम मिलाते हुए वेदवाक्य ‘संगच्छध्वं संवदध्वं सं वो मनांसि जानताम्’ का अनुसरण करते हुए स्वयंसेवकों ने अपने ‘स्व’ अनुशासन का परिचय देते हुए आम जनमानस को अपनी ओर आकृष्ट किया।

    जगह जगह स्वयंसेवकों पर हो रही पुष्प वर्षा मानो हिंदू समाज संघ के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए भारतीय संस्कृति और मूल्यों की रक्षा हेतु आशा भरी नजरों से देख रहा हो।

    कार्यक्रम में प्रेम कुमार जी अखिल भारतीय जागरण पत्रिका प्रमुख, विश्व हिंदू परिषद के सरक्षक दिनेश जी, रामजन्म भूमि के महासचिव चंपत राय जी, विश्व हिंदू परिषद के गोपाल राव जी, ट्रस्टी डॉ अनिल मिश्रा जी, अनिल कुमार जी क्षेत्र प्रचारक, प्रांत प्रचारक कौशल जी, प्रांत प्रचार प्रमुख अशोक द्विवेदी, विभाग सह संघचालक मुकेश तोलानी जी, डॉ शैलेंद्र, महानगर प्रचारक सुदीप, महानगर संघचालक विक्रम प्रसाद पांडे जी , महानगर कार्यवाही देवेंद्र जी, राहुल जी उपस्थिति रहे।

  • गोरखनाथ मंदिर में आदित्यनाथ ने गुरु गोरखनाथ का किया विशिष्ट पूजन-अनुष्ठान, परंपरागत विशेष वाद्य यंत्र की ध्वनि से पूरा मंदिर परिसर गूंजायमान

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    गोरखपुर, गोरखनाथ मंदिर में विजयादशमी पर्व पर बृहस्पतिवार को गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ का विशिष्ट पूजन-अनुष्ठान किया।

    गोरक्षपीठाधीश्वर के विशेष परिधान में मुख्यमंत्री योगी ने पीठ की परंपरा का अनुसरण करते हुए बृहस्पतिवार प्रातःकाल विधि विधानपूर्वक श्रीनाथ जी की पूजा-आराधना कर लोकमंगल की प्रार्थना की।

    एक बयान में कहा गया है ‘‘विजयदशमी के विशिष्ट पूजन की शुरुआत गोरखनाथ मंदिर में शक्तिपीठ से हुई जहां शारदीय नवरात्र प्रतिपदा से जगतजननी आदिशक्ति की आराधना के अनुष्ठान चल रहे थे। शक्तिपीठ में वेदी पूजनोपरांत तथा लोक कल्याण के लिए प्रार्थना करने के बाद मुख्यमंत्री आदित्यनाथ मंदिर के अन्य साधु-संतों के साथ, संस्कृत विद्यापीठ के आचार्यगण व वेदपाठी छात्रों के वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रीनाथ जी के मुख्य मंदिर के गर्भगृह में पहुंचे। उन्होंने वहां विधि विधानपूर्वक महायोगी गोरखनाथ की पूजा की, और आरती उतारी।

    इसके साथ ही उन्होंने मंदिर में प्रतिष्ठित सभी देव विग्रहों का विशिष्ट पूजन किया।

    मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने करबद्ध होकर श्रीनाथ जी और सभी देव विग्रहों की परिक्रमा भी की। गोरक्षपीठाधीश्वर ने अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ सहित अन्य संतों की समाधि स्थल पर भी शीश नवाया और पूजन कर आशीर्वाद लिया।

    इस दौरान नाथपंथ के परंपरागत विशेष वाद्य यंत्र नागफनी, शंख, ढोल, घंट, डमरू की ध्वनि से पूरा मंदिर परिसर गूंज रहा था।

    विजयादशमी के विशिष्ट पूजन में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के सुखमय, शांतिमय और समृद्ध जीवन की कामना की।

  • उत्तराखंड : यूकेएसएसएससी ने पांच अक्टूबर को होने वाली परीक्षा स्थगित

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    उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) ने पांच अक्टूबर को होने वाली अपनी परीक्षा को अचानक स्थगित कर दिया है।

    आयोग के सूत्रों ने बृहस्पतिवार को बताया कि बुधवार देर शाम पांच अक्टूबर को होने वाली परीक्षा को स्थगित करने का निर्णय लिया गया । पांच अक्टूबर को सहकारी निरीक्षक वर्ग दो और सहायक विकास अधिकारी, सहकारिता के लिए परीक्षा होनी थी।

    सूत्रों ने बताया कि अभ्यर्थियों द्वारा इस संबंध में किए गए अनुरोध और आयोग द्वारा परीक्षा की तैयारियों को और पुख्ता करने के लिए इस परीक्षा को स्थगित किया गया है।

    इससे पहले, 21 सितंबर को स्नातक स्तरीय परीक्षा के दौरान हरिद्वार में एक परीक्षा केंद्र से एक प्रश्नपत्र के तीन पन्ने कथित तौर पर लीक होने के बाद आयोग की आगामी भर्ती परीक्षाओं के आयोजन पर छाए संशय के बीच अध्यक्ष गणेश सिंह मर्तोलिया ने कहा था कि विभिन्न सरकारी विभागों के पदों के लिए परीक्षाएं पहले से तय तारीखों पर ही होंगी।

    उन्होंने बताया था कि आयोग की तैयारी पूरी है और उसकी समीक्षा करते हुए इस बार व्यवस्थाएं और चुस्त की गयी हैं।

    मर्तोलिया ने कहा कि अभ्यर्थियों की बायोमीट्रिक जांच, तलाशी और परीक्षा केंद्रों पर जैमरों की व्यवस्था के बारे में जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों के साथ विस्तृत समीक्षा की गयी है।

    उन्होंने कहा कि इस बार परीक्षा केंद्रों पर वॉशरूम में भी जैमर लगाए जाएंगे और वॉशरूम का उपयोग करने वाले अभ्यर्थी को जाने से पहले और आने के बाद फिर तलाशी देनी होगी।

    स्नातक स्तरीय परीक्षा में कथित पेपर लीक प्रकरण में पुलिस द्वारा गिरफ्तार मुख्य आरोपी खालिद मलिक ने पूछताछ में बताया था कि उसने परीक्षा केंद्र में अपना मोबाइल एक दिन पहले ही छिपा दिया था जिसके जरिए उसने प्रश्नपत्र के तीन पन्नों की फोटो खींची और वॉशरूम जाकर उसे अपनी बहन को भेज दिया।

    इस प्रकरण के विरोध में उत्तराखंड बेरोजगार संघ के बैनर तले बेरोजगारों ने जबरदस्त आंदोलन छेड़ दिया जिसके बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को दिए जाने की संस्तुति की है।

  • मुरैना में अहं की खातिर पिता ने बेटी को गोली मारी, मां-भाई ने साथ दिया, गिरफ्तार

    मुरैना में अहं की खातिर पिता ने बेटी को गोली मारी, मां-भाई ने साथ दिया, गिरफ्तार

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    मध्यप्रदेश के मुरैना में ‘‘ अहं की खातिर हत्या’’ (ऑनर किलिंग) के एक मामले में पुलिस ने मृतक लड़की के पिता को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने प्रकरण में मृतक की मां और भाई सहित कुल 23 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

    पुलिस अधीक्षक समीर सौरभ ने बताया बृहस्पतिवार को बताया कि 12 वीं कक्षा की छात्रा दिव्या सिकरवार की हत्या के आरोप में भरत सिकरवार और शव को ठिकाने लगाने, साथ देने, साक्ष्य छुपाने के लिए मृतक लड़की के मां-भाई और अन्य सहित कुल 23 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

    उन्होंने बताया कि पिता ने 23 सितंबर शाम 7:30 बजे अपनी बेटी दिव्या की हत्या कर दी थी क्योंकि दिव्या दूसरी जाति के लड़के से प्यार करती थी, उससे शादी करने के लिए अड़ी थी और परिवार के समझाने पर भी नहीं मान रही थी।

    सौरभ ने बताया कि भरत इस बात को लेकर दिव्या से नाराज था। उनके अनुसार, 22 सितंबर को भी उसने दिव्या को उसके प्रेमी के साथ स्कूटर पर घूमते देख लिया था। ‘‘इसके अगले दिन जब कॉलोनी में नवरात्रि माता पंडाल में आरती हो रही थी, तब भरत ने दिव्या को गोली मार दी थी ताकि गोली की आवाज आरती में दब जाए।

    पुलिस ने बताया कि आरोपी भरत ने अपने छोटे भाई रवि की पिस्टल से बेटी को गोली मारी थी। रवि फौज में है और घटना के समय अपनी ड्यूटी पर था और उसकी पिस्टल मुरैना में घर पर रखी थी। हत्या के बाद आरोपी शव को अपने रिश्तेदारों की मदद से गांव भगवान सिंह का पुरा ले गया। वहां उसने शव को पत्थर बांधकर क्वारी नदी में फेंक दिया।

    उन्होंने बताया कि भरत के एक पड़ोसी ने बीते शनिवार को सिविल थाने में फोन कर सूचना दी कि भरत की बेटी दिव्या दो दिन से गायब है। इस पर पुलिस भरत के घर पहुंची और उससे पूछताछ की।

    एसपी ने बताया कि पूछताछ के दौरान पुलिस को पता लगा कि भरत के घर में पांच सदस्य… पत्नी, दो बेटियां और एक बेटा है लेकिन बड़ी बेटी दिव्या घर से गायब है। उसके बारे में पूछने पर भरत ने गोलमोल जवाब दिया। शक होने पर पुलिस शनिवार को ही भरत को थाने ले आई और उससे गहन पूछताछ में उसने अपना अपराध कबूल कर लिया।

    उन्होंने बताया कि पुलिस ने भरत की निशानदेही पर दिव्या का शव पांच दिन के बाद नदी से बरामद किया। शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दिव्या की नजदीक से गोली मारने से मौत की पुष्टि हुई है।